बगडावत  कथा -8 जब तोरण का समय होता है तो रावजी हाथी के होदे में सवार हो तोरण मारने के लिये आते हैं। तोरण के पास आते ही हाथी चमक जाता है और थोड़ा पीछे हट जाता है (क्योंकि हीरा नाहर बन तोरण के पास बैठ जाती है , शेर की आंखे देख हाथी ड… Read more