Gurjar History : GURJAR HISTORY

Gurjar History

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Sunday, December 1, 2019

समस्त महत्वपूर्ण स्थान गुर्जरों के नाम पर ही क्यों?


                    











चलो मान लिया जाय कि  ** नागभट प्रतिहार - राजपूत,  मिहिर भोज - राजपूतपृथ्वीराज चौहान - राजपूत,अनंगपाल तंवर - राजपूतमिहिरकुल हूण – राजपूत   बप्पा रावल - राजपूत,
·       लेकिन समस्त महत्वपूर्ण स्थान  गुर्जरों के नाम पर ही क्यों?
·        गुर्जरों के नाम पर ही क्यों है - गुजरात,भारत
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है- गुजरात,पाकिस्तान,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गूजरखानशहर,पाकिस्तान
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है- गुजरांवाला,पाकिस्तान
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गोजर,पाकिस्तान
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-खारियांपाकिस्तान
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जर देश(गुर्जर शासनकाल में राजपूत देश क्यों नही)
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-जालोर (लोर गुर्जरो पर)
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जिस्तान (आज का जॉर्जिया)
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-सारे अभिलेख-शिलालेख
·        गुर्जरों के नाम पर ही क्यों है -गुर्जरीवाला ,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-प्रतिहारी गुर्जर,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-मिहिरावली( महरौली)
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-राष्ट्रगान में गुजरात,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-राजपूतो में बडगूजर गोत्र
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-अरबो द्वारा गुणगान,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गूजरांवाला,पाक पंजाब
·        गुर्जरों के नाम पर ही क्यों है-गुर्जरी गहने,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जर स्थापत्य कला,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जर चित्रकला,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-मरूगुर्जर निर्माण शैली,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जर रणनृत्य,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जरेश व गुर्जरराज,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जराधिराजगुर्जरेन्द्र,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जरराष्ट्रगुर्जरधरा,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जरदेशगुर्जराधिपति,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जर चरी नृत्य,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जरी गजलगुर्जरीगीत
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-राग गुर्जरी ।
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-गुर्जर प्रतिहार साम्राज्य,
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-शत्रु संहारक अर्थ ।
·        गुजुर ही क्यों लिखा हुआ है-कनिष्क के अभिलेख में।
·        गुर्जरो के नाम पर ही क्यों है-पम्पमहाभारत में महिपालदेव प्रतिहार को -- दहाडता हुआ गुर्जर ।।
·        नागभट ने भी खुद को क्यों लिखवाया-गुर्जरप्रतिहरावन्य (गुर्जरों के प्रतिहार वंश से)
·        गुर्जरों का ही नाम क्यों-अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रगान में
·        गुर्जरों के ही निशान क्यों-हिन्द से हंगरी और रोमानिया तक।
·        गुर्जरों के नाम पर ही क्यों है-गुर्जरी भाषा ( शाम को रेडियो को कश्मीर चैनल पर लगाए वो कहेंगे अब आप गुर्जरी भाषा में समाचार सुनिये )

·        गुर्जर वंश के शिलालेख !!
      नीलकुण्डराधनपुरदेवली तथा करडाह शिलालेख में प्रतिहारों को गुर्जर कहा गया है ।
राजजर शिलालेख" में वर्णित "गुर्जारा प्रतिहारवन" वाक्यांश से। यह ज्ञात है कि प्रतिहार गुर्जरा वंश से संबंधित थे।
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Thursday, November 28, 2019

गुर्जरात्रा, गुर्जरदेश -


गुर्जरात्रा, गुर्जरदेश -


गुर्जरात्रा, गुर्जरदेश







गुजरात शब्द सस्कृत के शब्द गुजरात्रा अथवा प्राकृत के गुजराता से निकला हे जिसका अर्थ है गुर्जरो का दैश अथवा गुर्जरो दवारा रक्षित क्षेत्र ।
गुजरात  ( काठियावाड - भारत ) गुजरात,  गुजरावाला गुजरखान ( पाकिस्तान ), गुजरस्थान (गजनी  के पास अफगानिस्थान),  गुजरस्तान (जॉर्जिया )गुर्जर घार (ग्वालियर )गुर्जरी बाजार ( पटना - बिहार,  मेरठ - उ.प्र.) गुर्जर ताल  ( बाडमेर - राजस्थानजौनपुर - उ.प्र  )गुर्जर नदी  ( बलूचिस्तान -पाकिस्तान ) पोषवाल मन्डी    ( जददा-सउदी अरब ) गुर्जर खासी  ( अफगानिस्थान ) खटाना खील व कसाना खील कबाइलि प्रान्त  ( अफगानिस्थान ) भाजन गुर्जरी (जलगांव -महाराष्ट्र ) गुर्जर पाल  (भोपाल -मध्यप्रदेश ) गुर्जर नगर  (जम्मू ) गुर्जर घाटी ( जयपुर- राजस्थान ) आदि गुर्जरो के प्रतीक चिन्ह हे।

 पचंतन्त्र मे कथा आती हे जिसके अनुसार गुर्जर दैश जहा ऊटो का मेला लगता था । यह वर्णन मिलता हे कि एक रथकार इस गुर्जर देश मे ऊंट लेने के लिए गया ।
 गुजरात से लेकर काश्मीर तक का पूरा इलाका "गुर्जर दैश" के नाम से जाना जाता था ।


संदर्भ

1.  पंचतंत्र कथा -14
2. कीलहार्न सस्करण पृष्ठ - 32 ( सर जान मार्शल )
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