Gurjar History : 26 जनवरी स्पेशल

Gurjar History

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Friday, January 24, 2020

गणतंत्र दिवस सायरी स्पेशल!


देशभक्तों से ही देश की शान है
देशभक्तों से ही देश का मान है
हम उस देश के फूल हैं यारों
जिस देश का नाम हिंदुस्तान है
इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है,
झूम उठो देशवासियो गणतंत्र दिवस फिर आया है |
नहीं सिर्फ जश्न मनाना, नहीं सिर्फ झंडे लहराना,
ये काफी नहीं है वतन पर, यादों को नहीं भुलाना,
जो कुर्बान हुए उनके लफ़्ज़ों को आगे बढ़ाना,
खुदा के लिए नही ज़िन्दगी वतन के लिए लुटाना,
हम लाएं है तूफ़ान से कश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के
….||
आज शहीदों ने है तुमको, अहले वतन ललकारा,
तोड़ो गुलामी की जंजीरें, बरसाओ अंगारा,
हिन्दू-मुस्लिम-सिख हमारा, भाई-भाई प्यारा,
यह है आजादी का झंडा, इसे सलाम हमारा
||
दाग गुलामी का धोया है जान लुटा कर,
दीप जलाये है कितने दीप भुझा कर,
मिली है जब यह आज़ादी तो फिर इस आज़ादी को
रखना होगा हर दुश्मन से आज बचाकर
||
चलो फिर से खुद को जागते है,
अनुसासन का डंडा फिर घुमाते है,
सुनहरा रंग है गणतंत्र का सहिदो के लहू से,
ऐसे सहिदो को हम सब सर झुकाते है
||
देश भक्तो की बलिदान से,
स्वतन्त्र हुए है हम,
कोई पूछे कोन हो,
तो गर्व से कहेंगे.
भारतीय है हम
भारत के गणतंत्र का, सारे जग में मान,
दशकों से खिल रही, उसकी अद्भुत शान,
सब धर्मो को देकर मान रचा गया इतिहास का,
इसलिए हर देशवासी को इसमें है विश्वास ||
चलो फिर से आज वो नजारा याद करले,
चलो फिर से आज वो नजारा याद करले,
शहीदों के दिलो में थी जो वो ज्वाला याद करले,
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे,
जिसमे बहकर आजादी पहुची थी किनारे पे,
देशभक्ति के खून की वो धारा याद करले
||
यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना,
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना,
न दे दोलत न दे शोहरत, कोई शिकवा नही हमको,
झुका दूँ सर मै दुश्मन का यही हिम्मत का घन देना,
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना
||
मेरे हर कतरे-कतरे में, हिन्दुस्थान लिख देना,
और जब मोत हो, तन पे, तीरंगे का कफन देना,
यही खुवाहिश खुदा हर जन्म हिन्दुस्तान वतन देना,
अगर देना तो दिल में देशभक्ति का चलन देना
||
मै भारत बरस का हरदम अमित सम्मान करता हूँ,
यहाँ की चांदनी मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे चिंता नही है स्वर्ग जाकर मोक्ष पाने की,
तिरंगा हो कफ़न मेरा, बस यही अरमान रखता हूँ
||
गुलामी क्या थी ये हम क्या जानें,
हमने तो हमेशा आजादी में सांस ली है,
गुलामी क्या है ये तो वो ही बता पायेंगे,
जिन्होंने आजादी के लिए कुर्बानी दी है!
ना पूछो ज़माने से की क्या हमारी कहानी है,
हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिन्दुस्तानी हैं।
स्कार, संस्कृति और शान मिले;
ऐसे हिन्दू, मुस्लिम और हिंदुस्तान मिले;
रहे हम सब ऐसे मिल-झुल कर;
मंदिर में अल्लाह और मस्जिद में भगवान मिले।

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Thursday, January 23, 2020

गणतंत्रता दिवस (26 जनवरी 2020) भाषण


गणतंत्रता दिवस (26 जनवरी 2020)
भाषण
आज के समारोह के मुख्य अतिथि महोदय विेशिष्ट अतिथि महोदय, प्रधानाचार्य जी एवं सम्मानित गुरूजनगण एवं ग्राम से पधारे हुए मेहमानों एवं प्यारे भाईयों और बहनों !
मैं .................. गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर दो शब्द कहना चाहती हूं ए गलती हो तो क्षमा करें !गणतंत्र दिवस भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है ए देशभक्तों के त्यागए तपस्या और बलिदान की अमर कहानी समेटे 26 जनवरी का यह पर्व राष्ट्रीय पर्व होने के नाते इसे हर, धर्म, सम्प्रदाय और हर जाति के लोग बहुत ही उल्लास के साथ मनातें है । त्याग,उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास भारत की भूमि पर पग.पग में अंकित है। किसी ने सच ही कहा है. "कण.कण में सोया शहीदए पत्थर.पत्थर इतिहास है।"
"इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है
झूम उठो देशवासियो गणतंत्र दिवस फिर आया है।"
गणतंत्र का अर्थ है.जनता के द्वारा जनता के लिये शासन।भारत एक गणतंत्र देश है, जहां आम जनता अपना नेताए प्रधानमंत्री के रूप में चुनती है। भारत में पूर्ण स्वराज के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी जिससे कि हमारी आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष न करना पड़े और हम देश को आगे लेकर जा सकें।
"बलिदानों का सपना जब सच हुआ,
देश तभी आजाद हुआ,
आज सलाम करे उन वीरों को,
जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ।"
भारत के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान है। यह दिवस हर भारतीय का अभिमान है, अनगिनत लोगों की कुर्बानी के बाद भारत मां को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी,लेकिन हमारा संविधान 26 जनवरी 1950 को ही लागू हुआ था।
भारत को स्वाधीन कराने और सशक्त गणतंत्र बनाने वाले राष्ट्रनायकों ने जो स्वप्न देखे थे, उनमें से बहुत से आज भी अधूरे हैं। उनको पूरा करने के लिए हर नागरिक को अपने स्तर पर दायित्वों का निर्वहन करना होगा
"भूख, गरीबी,लाचारी को, इस धरती से आज मिटायेंगे,
भारत के भारतवासी को, उसके सब अधिकार दिलायेंगे,
आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें।"
भारत के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम सबको इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
"आओ करे प्रतिज्ञा हम सब इस पावन गणतन्त्र दिवस पर
हम सब बापू के आदर्शों को अपनायेगे नया समाज बनायेंगे,
भारत माँ के वीर सपूतों के बलिदानों को हम व्यर्थ न जानें देंगे,
जाति ,धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर नया समाज बनायेंगे"
"जब भारत ने गणतंत्र मनाया ,तब इस देश ने लोकतंत्र पाया ।
मतदान हुआ जन-जन का अधिकार ,यही बना हमारा हथियार ।
अब सत्ता भी हम लाते है , सरकार खुद हम बनाते है ।
इस देश की शान तिरंगा है ,यहाँ पावन गंगा यमुना है।
हाथ में लेकर तिरंगा प्यारा, जन गण मन हम गायेंगे ।
सत्य अहिंसा का लेकर सहारा ,न्यारा भारत हम अब बनायेंगे ।।"
जय हिन्द ! वन्दे मातरम!


भामाशाह के लिए शायरी


भामाशाह

वतन पर जो फिदा होगा, अगर वो नौ जवां होगा।
   रहेगी जब तलक दुनिया ये अपसाना बयां होगा।।
फूल जब मांगते है वर्षों तक दुआ, तब बहारो की कली खिलती है।
आप तो आये हो जन्नत से आप जैसे भामाशाह इस जमाने मे कहाँ मिलते है।।
       हर दिल फरियाद नही करता, हर कोई किसी को याद नहीं करता।
हम भुल जाये हमारे भामाशाहो का इस मौके के पर इस बात पर दिल एतबार नही करता।।
प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं होता हैं,
दान से बड़ा कोई कर्म नहीं होता हैं.
दानी भी होते है एक तरह के सन्त,
दान देने से लालच का हो जाता है अन्त.
जन सेवा की भावना पर पीड़ा संताप,
ऐसे श्रेष्ठ अब कहाँ जैसे दानी आप.
आज मिला अवसर करो, सार्थक अपना धन,
भाव बनाओ दान का, कर लो जीवन धन्य.
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क्षमा माफी के लिए शायरी


क्षमा माफी
       राहो मे भी राज होते है ,फुलो के भी मिजाज होते है।
गलतियां हमारी माफ करना क्योंकि चमकते हुए चाँद मे भी तो दाग होते है।।
      
सड़क कितनी भी साफ हो भूल तो हो ही जाती है।
   आदमी कितना भी सभ्य हो, भूल तो हो ही जाती है।।
हो सकता है हमने आपको कभी रुला दिया,
आपने तो दुनिया के कहने पे हमें भुला दिया,
हम तो वैसे भी अकेले थे इस दुनिया में,
क्या हुआ अगर आपने एहसास दिला दिया।
हमसे कोई खता हो जाये तो माफ़ करना,
हम याद न कर पाएं तो माफ़ करना,
दिल से तो हम आपको कभी भूलते नहीं,
पर ये दिल ही रुक जाये तो माफ़ करना।
कमजोर व्‍यक्ति कभी क्षमा नहीं कर सकता,
क्षमा करना शक्तिशाली व्‍यक्ति का गुण है
महात्‍मा गॉंधी
माफ़ी मांगने के लिए
व्यक्ति को मजबूत होना पड़ता है
और एक मजबूत व्यक्ति ही माफ़ कर सकता है।


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तालिया के लिए सायरी


तालिया
वो लड़ाई क्या जिसमें गालियां न हो।
वो समारोह ही क्या जिसमे तालियां न हो।।
     जिन्दगी मे कभी खुशी कभी गम होता है।
  तालिया वो ही बजाते है जिनके बाजुओ मे दम होता है।।
     अमन सुना पड़ा है इसे जरा मेहमानों से सजा दो।
   इनके सम्मान मे दोस्तो जरा तालिया तो बजा दो।।
     यू कंजुसी क्युं करते हो ताली क्युं नही बजाते हो।
जोर जगा के ताली बजाओ हौसला आप ही बढाते हो।।
      हाथ निकालो जेब से पैसे हम नही माँगते।
   ताली बजाओ जोर से और हम कुछ नही मांगते।।
कवाल की शोभा कव्वालियों से होती है।
  कलाकार की शोभा कलाकारियों से होती है और
  दर्शको की शोभा उनकी तालियो से होती है।।


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नारी श्रद्वा विशेष सायरी



नारी श्रद्वा विशेष
बिजली जब चमकती है तो आकाश बदल देती है।
आँधी जब उठती है तो दिन रात बदल देती है।।
धरती जब दरकती है तो सीमान्त बदल देती है।
और नारी जब गरजती है तो इतिहास बदल देती है।।
      नारी तु नारायणी, नारी से संसार।
   जो नारी खुश रहे, तो सुखी रहे परिवार।।
      नारी को तुम ना सताओ नारी गुण की खान है।
  इनको खूब पढाओं तुम ये है भरत की शान है।।
      सतियों के नाम पर तुझे जलाया, मीरा के नाम पर तुझे जहर पिलाया।
सीता जैसी अग्नि परीक्षा आज भी जंग मे जारी है,
 कोमल है कमजोर नहीं तू शक्ति का नाम ही नारी है,
सबको जीवन देने वाली, मौत भी तुझसे हारी है
                    

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ध्वजारोहण हिंदी सायरी



ध्वजारोहण
आन देश की शान देश की, देश की हम संतान है।
तीन रंगो से रंगा तिरगां, अपनी यह पहचान है।।

       भारत का तिरंगा लहराता ही रहेगा,
   पाक मेरे नापाक इरादों को जलाता ही रहेगा,
    मेरे तन से कलम कर दो फिर भी,
   भारत का सैनिक वन्दे मातरम गुनगुनाता ही रहेगा।।
आज तिरगा फहराता है अपनी पूरी शान से।
   हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से।।
      दे सलामी इस तिरंगे को जैसी इसकी शान है।
  सर हमेशा ऊचां रखना इसका जब दिल में जान है।।
      ए खुदा तेरे दरबार मे हमारी एक अमानत रखना।
    बहती दुनिया देश को सलामत रखना।।
     
‘‘जमीं सलाम करें आसमां सलाम करे,
कुछ काम ऐसा कर मेरे ऐ दोस्त,
कि सारा जहाँ सलाम करे।।

मेरी खुषनसीबी है कि मिली जिन्दगी इस चमन मे।
भुला न सकेंगे इसकी खुषबु सातो जन्म में।।
आओ झुककर करें सलाम उन्हे, जिनके हिस्से मे ये मुकाम आता है।
कितने खुशनसीब है वो लोग, जिनका खुन वतन के काम आता है।।
      जो भरा नही भवो से बहती जिसमें रसधार नहीं।
  वह हृदय नहीं पत्थर है जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।।
किसी को लगता है हिन्दू खतरे में है किसी को लगता है मुसलमान खतरे मे है।
धर्म का चस्मा उतारकर देखो यारों, पता चलेगा की हमारा हिन्दुस्तान खतरे मे है।।
      ये बात हवाओं को बताये रखना,रोशनी होगी चिरागो को जलाये रखना।
      लहू देकर जिसकी हिफाजत की है, ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना।।

      अंधिकार मिलते नही लिए जाते है, आजाद है मगर गुलामी किए जाते है।
    वन्दन करो उन सैनानियों को जो मौत के आंचल मे जिए जाते है।।
      होली वही जो स्वाधीनता की आन बन जाये।
    होली वही जो गणंतन्त्र की शान बन जाये।।
    भरो पानी पिचकारियों मे ऐसे तीन रंगो की
     जो कपड़ो पर पड़े तो हिन्दुस्तान बन जायें।।
कौम को कबिलो मे मत बाटिंये,
लम्बी दुरियों को मीलो मे मत बाटिएं।
अरे! बहता दरिया है मेरा हिन्दुस्तान नदियों और झीलों मे मत बाटिंए।।
      मोक्ष पाकर स्वर्ग मे रखा क्या है, जीवन सुख तो मातृभुमि की धरा पर है।
तिरंगा कफन बन जाये इस जन्म में, तो इससे बडा़ धर्म क्या है।।

करता हू भारत माता से गुजारिश की तेरी भक्ति के सिवा कोई जिन्दगी न मिले।
हर जन्म मिले हिन्दुस्तान की पावन धरा पर या फिर कभी जिन्दगी ना मिले।।
भारत के गणतंत्र का सारे जग मे मान है।
   छह दशकों से खिल रह उसकी अद्भुतशान है।।
      हाथ जिनमें हो जुनून कटते नहीं तलवार से।
  सर जो उठ जाते है वो झुकते नहीं ललकार से।।

      जिन्दगी एक अभिलाशा है, क्या गजब इसकी परिभाषा है
जिन्दगी क्या है मत पुछो दोस्तो, संवर गई तो दुल्हन और बिगड़ गई तो तमाशा है।।

      जीत और हार आपकी सोच पर ही निर्भर करती है।
    मान लो तो हार होगी और ठान लो तो जीत होगी।।
      दिपावली मे हे अली रमजान मे राम।
    इसलिए तो है मेरा भारत महान।।
      ना तेरा है न मेरा है ये हिन्दुस्तान सबका है
गर नही समझी गई ये बात तो नुकसान सबका है
चरण पखारे हिन्द रत्नाकर ,सिर पर कंचनजघा है।
इस धरती से उस अम्बर तक, तीन ही चीज ही गजब की है।
एक भगत सिंह दूसरी गगां तीसरा झडां तिरंगा है।।
कुछ नशा तिरंगे की आन का है कुछ नशा मातृभुमि की शान का है।
हम लहरायेगें हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिन्दुस्तान का है।।
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