मारवाड़ी मसाला

आत्म मंथन ही जीवन का सार है!

छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष। उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।…

हे मेरे माधव......‼️

प्राण में भी तुम्हीं ध्यान में भी तुम्हीं तुम ही तुम रह गये मैं कहीं भी नहीं चलती साँसों मे तुम भीगी रातों …

मैं गाँव हूँ !

मैं वहीं गाँव हूँ जिसपर ये आरोप है कि यहाँ रहोगे तो भूखे मर जाओगे। मैं वहीं गाँव हूँ जिस पर आरोप है कि यहाँ अशिक्षा…

इस युग के दधीचि तुझे नमन

( विश्व के प्रथम कोरोना योद्धा शिक्षक साथी श्री दिनेश जी वैष्णव को समर्पित है यह रचना जिन्होंने जीते जी कोरोना वैक्…

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