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बगड़ावत देवनारायण फड़ भाग -27

देवनारायण की मालवा से वापसी दूसरे दिन सुबह जल्दी ही गोठां जाने के लिये तैयार होते हैं। नारायण को उनकी मामियां और मामाजी जाने से रोकते हैं कि आप छोटे से मोटे यहाँ हुये हो आपको देख कर तो हम धन्य होते हैं। आप चले जाओगे तो हमें आपके दर्शन कैसे होंगे। तब … Read more

बगड़ावत देवनारायण फड़ भाग -26

साडू माता द्वारा छोछु भाट को जहर का भोजन खिलाने की कोशिश साडू माता सोचती है कि भाटजी तो जीवित ही वापस आ गये है। इसलिए भाटजी के खाने में जहर मिला देती है। देवनारायण और भाटजी साथ में खाना खाने बैठते हैं। भगवान को सारी बात का पता होता है कि भाट के खाने … Read more

बगड़ावत देवनारायण फड़ भाग -25

भेरुजी और जोगनियाँ देवनारायण के मामा ने उनको कह रखा था कि जंगल में सिंध बड़ की तरफ कभी मत जाना वहां चैसठ जोगणियां और बावन भैरु रहते है , तुम्हे खा जायेगें। एक दिन देवनारायण जंगल में बकरियां चराने जाते हैं अपने साथियों को तो बहाना बना कर गांव वापस भेज… Read more