Showing posts from April, 2020Show all

लालटेन की रोशनी !

एक बार एक शिष्य ने अपने गुरु से पूछा कि मैं अपने कठिनतम लक्ष्यों को कैसे प्राप्त कर सकता हूँ ? गुरुजी थोड़ा मुस्कुराए और कहा कि वह उसे आज रात उसके सवाल का जवाब देंगे। शिष्य हर रोज शाम को नदी से पानी भरकर लाता था , ताकि रात को उसका इस्तेमाल हो सके। लेकिन , … Read more

मैं गाँव हूँ !

मैं वहीं गाँव हूँ जिसपर ये आरोप है कि यहाँ रहोगे तो भूखे मर जाओगे। मैं वहीं गाँव हूँ जिस पर आरोप है कि यहाँ अशिक्षा रहती है मैं वहीं गाँव हूँ जिस पर असभ्यता और जाहिल गवाँर का भी आरोप है हाँ मैं वहीं गाँव हूँ जिस पर आरोप लगाकर मेरे ही बच्चे मुझे छोड़कर दू… Read more

इस युग के दधीचि तुझे नमन

( विश्व के प्रथम कोरोना योद्धा शिक्षक साथी श्री दिनेश जी वैष्णव को समर्पित है यह रचना जिन्होंने जीते जी कोरोना वैक्सीन परीक्षण हेतु राजस्थान सरकार को अपना शरीर दान देने की घोषणा की है।नमन है आधुनिक काल के इस दधीचि को ? बिरदी-गीता के प्रिय सुत हो , है नेहा… Read more

गुरु जी के प्रवचन !

एक सभा में गुरु जी ने प्रवचन के दौरान 🤔 एक 30 वर्षीय युवक को खडा कर पूछा कि ✍✍ _ - आप मुम्बई मेँ जुहू चौपाटी पर चल रहे हैं और सामने से एक सुन्दर लडकी आ रही है तो आप क्या करोगे ? 🙋🏻 ‍ ♂ युवक ने कहा - उस पर नजर जायेगी , उसे देखने लगेंगे। 🙊👩 ‍ गुरु ज… Read more

!! ईमानदारी ही महानता है !!

मगध साम्राज्य में आचार्य चाणक्य की बुद्धि और सूझबूझ से हर कोई प्रभावित था। इतने बड़े प्रांत का संचालक होने के बाद भी चाणक्य साधारण जीवन जीते हुए झोपड़ी में रहते थे। एक बार एक विदेशी यात्री चाणक्य की प्रशंसा सुनकर उ… Read more