स्वागत/ माल्यार्पण


    फुल है़ चन्दन है और रिस्तो का बन्धन है।
    नान्दोली स्कूल मे आप सभी का अभिनन्दन है।।
सबसे पहले आप सभी का अभिनन्दन करता हूँ।
   परिचय की थाली मे कुछ शब्दो के अक्षर रखता हूँ।।
    कुदरत के हसी नजारे जीम पर, आसमान के सब सितारे जमीं पर,
    इस महफिल मे आकर देखा है हमने,बिखरे है चांद तारे जमीं पर।।
    हमने तो हर शाम चिरागो से सजा रखी है,
    पर अफसोस शर्त हवाओं से लगा रखी है।
    न जाने किस गली से आयेगें हमारे मेहमान,
    हमने तो हर गली फूलो से सजा रखी है।।
    नन्हे दिल में प्यार लिए पलक बिछायें बैठे है
आयेंगे हमारे मेहमान, हम स्वागत के लिए हार लिए बैठे है।।
ऐ बाग जरा महक के चल कुछ मेहमान आने वाले है।
    फूल मत बिछाना राहों मे, हम पलके बिछायें बैठे है।।
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