गणतंत्रता दिवस (26 जनवरी 2020)
भाषण
आज के समारोह के मुख्य अतिथि महोदय विेशिष्ट अतिथि महोदय, प्रधानाचार्य जी एवं सम्मानित गुरूजनगण एवं ग्राम से पधारे हुए मेहमानों एवं प्यारे भाईयों और बहनों !
मैं .................. गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर दो शब्द कहना चाहती हूं ए गलती हो तो क्षमा करें !गणतंत्र दिवस भारत के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है ए देशभक्तों के त्यागए तपस्या और बलिदान की अमर कहानी समेटे 26 जनवरी का यह पर्व राष्ट्रीय पर्व होने के नाते इसे हर, धर्म, सम्प्रदाय और हर जाति के लोग बहुत ही उल्लास के साथ मनातें है । त्याग,उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास भारत की भूमि पर पग.पग में अंकित है। किसी ने सच ही कहा है. "कण.कण में सोया शहीदए पत्थर.पत्थर इतिहास है।"
"इस दिन के लिए वीरो ने अपना खून बहाया है
झूम उठो देशवासियो गणतंत्र दिवस फिर आया है।"
गणतंत्र का अर्थ है.जनता के द्वारा जनता के लिये शासन।भारत एक गणतंत्र देश है, जहां आम जनता अपना नेताए प्रधानमंत्री के रूप में चुनती है। भारत में पूर्ण स्वराज के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कड़ा संघर्ष किया। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी जिससे कि हमारी आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष न करना पड़े और हम देश को आगे लेकर जा सकें।
"बलिदानों का सपना जब सच हुआ,
देश तभी आजाद हुआ,
आज सलाम करे उन वीरों को,
जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ।"
भारत के लिए गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गौरव और सम्मान है। यह दिवस हर भारतीय का अभिमान है, अनगिनत लोगों की कुर्बानी के बाद भारत मां को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली थी,लेकिन हमारा संविधान 26 जनवरी 1950 को ही लागू हुआ था।
भारत को स्वाधीन कराने और सशक्त गणतंत्र बनाने वाले राष्ट्रनायकों ने जो स्वप्न देखे थे, उनमें से बहुत से आज भी अधूरे हैं। उनको पूरा करने के लिए हर नागरिक को अपने स्तर पर दायित्वों का निर्वहन करना होगा
"भूख, गरीबी,लाचारी को, इस धरती से आज मिटायेंगे,
भारत के भारतवासी को, उसके सब अधिकार दिलायेंगे,
आओ सब मिलकर नये रूप में गणतंत्र मनायें।"
भारत के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हम सबको इसके बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।
"आओ करे प्रतिज्ञा हम सब इस पावन गणतन्त्र दिवस पर
हम सब बापू के आदर्शों को अपनायेगे नया समाज बनायेंगे,
भारत माँ के वीर सपूतों के बलिदानों को हम व्यर्थ न जानें देंगे,
जाति ,धर्म के भेदभाव से ऊपर उठकर नया समाज बनायेंगे"
"जब भारत ने गणतंत्र मनाया ,तब इस देश ने लोकतंत्र पाया ।
मतदान हुआ जन-जन का अधिकार ,यही बना हमारा हथियार ।
अब सत्ता भी हम लाते है , सरकार खुद हम बनाते है ।
इस देश की शान तिरंगा है ,यहाँ पावन गंगा यमुना है।
हाथ में लेकर तिरंगा प्यारा, जन गण मन हम गायेंगे ।
सत्य अहिंसा का लेकर सहारा ,न्यारा भारत हम अब बनायेंगे ।।"
जय हिन्द ! वन्दे मातरम!