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बगडावत कथा -20

बगडावत कथा - 20 साडू माता सोचती है कि रोज कोई न कोई यहां आता है ,  कहीं रावजी सेना भेजकर बच्चे को भी न मरवा दे। यह सोचकर वह गोठां छोड़ कर मालवा जाने की तैयारी करती है। और दूसरे ही दिन साडू माता अपने विश्वासपात्र भील को बुलवाती है। बच्चे का जलवा पूजन करने के पश्… Read more

बगडावत कथा -19

बगडावत कथा - 19 इधर सभी बगड़ावतों का नाश हो जाने पर साडू माता हीरा दासी सहित मालासेरी की डूंगरी पर रह रही होती है। एक दिन अचानक वहाँ पर नापा ग्वाल आता है और सा माता को ७ बीसी राजकुमारों के भी मारे जाने का समाचार देता है और कहता है कि साडू माता यहां से मालवा अपने … Read more

बगडावत कथा -18

बगडावत कथा - 18 रानी जयमती ने सवाई भोज को अपने पास महल में ही चौपड़ में उलझाए रखा और युद्ध भूमि में जाने नहीं दिया। सारे भाईयों की मौत के बाद सवाई भोज खुद रण क्षेत्र में जाने की तैयारी करते हैं। रानी जयमती से अपने अस्र - शस्र मांगते हैं तो रानी वहां पर भी एक व… Read more