Showing posts from March, 2019Show all

बगडावत कथा -17

बगडावत  कथा -17 रण क्षेत्र में नियाजी के पास रानी जयमती (भवानी) आती है और कहती है कि नियाजी मुझे अपना शीश दे दीजिए। आपने वचन दिया था कि मैं एक बार आपसे जो भी मांगूगीं आप मुझे वो दे देंगे। नियाजी अपने हाथ से ही अपना शीश काटकर भवानी के थाल में रखकर देते हैं और… Read more

बगडावत कथा -16

बगडावत कथा -16 बाबा रुपनाथजी निया से कहते हैं कि निया सब पहर का युद्ध करने के बाद सीधा तू मेरे पास आना। नियाजी कहते है बाबा गुरुजी मैदान से दिन भर की लड़ाई के बाद थक जाउंगा। ७ कोस चलकर आप के पास आना तो मुमकिन नहीं है। बाबा रुपनाथजी कहते… Read more

गुर्जर समाज

गुर्जर इतिहास की जानकारी के लिए लिंक पर क्लिक करके विडियो देखे:-online Guruji चैनल पर https://youtu.be/d3SBZSCSOrM   गुर्जर इतिहास की जानकारी के लिए ब्लॉग  पढे   :- https://gurjarithas.blogspot.com सम्पूर्ण कथा जानने के लिएं इस ब्लॉग को  FOLLOW  जरूर … Read more

गुर्जर कर्मचारी अधिकारी परिषद

*GKAP* *गुर्जर शिक्षा ज्योति* (GKAP - गुर्जर कर्मचारी अधिकारी परिषद्) विषय :- *Empowerment of Gurjar Community through Education* (special reference to Rajasthan )     *GKAP :-*एक नजर :- ऐतिहासिक वीर कौम - ‘गुर्जर समाज’ देश की … Read more

गुर्जर इतिहास

https://youtu.be/giMPIvsfM5Y YouTube video  जरूर देखे  व लाईक व सबस्क्राईब करें भारत में कुषाण पहचान की निरंतरता- कसाना गुर्जरों के गांवों का सर्वेक्षण https://youtu.be/giMPIvsfM5Y अक्सर यह कहा जाता हैं कि कनिष्क महान से सम्बंधित ऐतिहासिक कुषाण वंश अपनी पहच… Read more

बगडावत कथा -15

बगडावत  कथा -15 इधर युद्धभूमि से वापिस आकर नेतुजी नियाजी को जगाती है और कहती है कि उठिए , आप के दोनों बेटे घमासान युद्ध में मारे गए हैं। जब नियाजी उठते हैं तो देखते हैं कि उनके महल की छत पर बहुत सारी गिरजें (चीलें) बैठी हुई हैं। नियाज… Read more

बगडावत कथा-14

बगडावत  कथा -14 दूसरा हमला रावजी नेगड़िया पर करते हैं। वहां नियाजी ६ महीने की नींद में सो रहे होते हैं। नियाजी की रानी नेतुजी हाथ में जल की जारी ले कर उन्हें जगाने आती है। लेकिन नियाजी नहीं जागते। फिर नेतुजी नियाजी की माँ लखमादे राठौड़ को नियाजी को जगा… Read more

बगडावत कथा-13

बगडावत  कथा -13 जब रावजी शिकार से वापस लौटते हैं , तब महल में रानी के गहने पड़े हुए देखते है। उन्हें नीमदेजी कहते हैं कि भाई , बगड़ावत रानी सा को भगाकर ले गये हैं। ये बात सुनकर रावजी को यकीन नहीं होता और कहते हैं वो तो हमारे भायले है वो ऐसा नहीं क… Read more

बगडावत कथा-12

बगडावत  कथा -12 राणा रावजी और सारे सामन्तो को शिकार के बहाने दूर भेजकर रानी जयमती और हीरा बगड़ावतों के साथ भागने की योजना बनाती है। रावजी शिकार पर जाते समय नीमदेवजी को पहरे पर लगा जाते हैं कि रानी का ध्यान रखना। रानी हीरा से कहती है … Read more

बगड़ावत कथा -11

बगडावत कथा - 11 हीरा रावजी के दरबार में जाकर फरियाद-फरियाद चिल्लाती है। रावजी पूछते है हीरा क्या बात हैं। हीरा कहती है दरबार बाईसा के पेट में बहुत दर्द हो रहा है और लगता है बीमारी इनकी जान लेकर ही छोड़ेगी। रावजी नीमदेवजी को कहते है भ… Read more

बगड़ावत कथा -10

बगडावत  कथा -10 इधर राण में जयमती (भवानी) हीरा से पूछती है कि बगड़ावत आ गये क्या ? हीरा जवाब देती है कि मुझे नहीं लगता कि वो आऐगें। जयमती कहती है बादलो में बिजली चमक रही है। बगड़ावतों के भाले चमक रहे हैं , बगड़ावत आ रहे हैं। ह… Read more

बगड़ावत कथा -9

बगडावत कथा -9 उधर गोठां मे बगड़ावतों के दरबार में सभी भाई बैठे होते है , हीरा चील बनकर आकाश में उड़ती हुई आती है और रानी जयमती का पत्र गिरा देती है। जिसे नियाजी देख लेते हैं और अपनी ढाल से ढक देते हैं। यह सब सव… Read more